अंत से पहले

एक दिन सारी मुश्किले, सारे दुख खत्म होगें। जिसकी कदर ना कि जायेगी वो भी एक दिन सब को अलविदा कह कर मिलेगा अपने असली रचियता से। शेष रहेंगी बस यादे।
मन बार बार तङपने लगता है कि ये सब ओर इतना अहं, दिखावा, ज़हरीलापन, लालच क्यो है।

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